शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के बढ़ते प्रयास को लेकर समाचार प्रकाशित, उपसरपंच द्वारा द्वेष पूर्ण भावना से की गई शिकायत पर स्थानीय पत्रकार संघ हुए एकजुट जांच हेतु कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन
प्रदेश महासचिव अखिलेश जायसवाल ने कहा, कि किसी के विरुद्ध समाचार प्रकाशन करना जोखिम भरा काम हो गया है समाचार प्रकाशन से....

शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के बढ़ते प्रयास को लेकर समाचार प्रकाशित, उपसरपंच द्वारा द्वेष पूर्ण भावना से की गई शिकायत पर स्थानीय पत्रकार संघ हुए एकजुट जांच हेतु कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन
अम्बिकापुर (डेली ट्रस्ट न्यूज़) : राज्य के अलग – अलग हिस्सों में शासकीय भूखंडों पर अवैध कब्जे से जुड़े प्रयास के मामले बढ़ते जा रहे हैं। संगठित गिरोह और भू माफिया इस अवैध धंधे में लगे हुए हैं। सरकारी जमीन देखकर ही उनकी जीभ से लार टपकती है। ऐन-केन प्राकेन रातों – रात कब्जा कर निर्माण भी करना शुरू कर देते हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जाता, जब राज्य के किसी न किसी हिस्से से अतिक्रमण विरोधी अभियान की खबरें न आती हों।

ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है, जो
लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत जमगला के उप सरपंच के द्वारा लखनपुर थाने में शिकायत कर स्थानीय पत्रकार राजेश प्रसाद गुप्ता के विरुद्ध जातिगत गाली गलोज व जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर शिकायत लखनपुर थाने में की गई है, जिसके बाद भारतीय पत्रकार समिति के प्रदेश महासचिव अखिलेश जायसवाल के नेतृत्व में सरगुजा कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की गई है विदित हो, कि अनुज प्रसाद सिंह पैकरा जो ग्राम पंचायत जमगला उपसरपंच के पद पर पदस्थ है उनके द्वारा शासकीय भूमि खसरा नंबर 193 /1 पर जो की सरगुजा स्टेटसेटलमेंट में गोचर भूमि है जिस पर विगत वर्ष लगभग 2020 में मकान बनाकर अवैध कब्जा किया है जो अभी भी निर्माणाधीन है जिस समय भी वह उपसरपंच के पद पर ग्राम पंचायत जमगला में पदस्थ था उसी समय ही अवैध मकान बनाने व अवैध कब्जा के विरुद्ध में माननीय न्यायालय नायब तहसीलदार लखनपुर के द्वारा अर्थ दंड आरोपित करते हुए उस भूमि से उन्हें बेदखल किए जाने के लिए आदेश भी जारी किया गया है। उसके बाद भी उपसरपंच अनुज प्रसाद सिंह पैकरा के द्वारा हाल ही में सुशासन तिहार में उक्त भूमि का पुनः पट्टा बनाए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर हल्का पटवारी के द्वारा बिना मौका मुआयना जांच किए ही पंचनामा तैयार कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया ! उस मामले को लेकर पत्रकार राजेश प्रसाद गुप्ता के द्वारा जनदर्शन कलेक्टर कार्यालय अंबिकापुर में फर्जी पंचनामा के विरूद्ध शिकायत प्रस्तुत किया, साथ ही विभिन्न समाचार पत्रों में उक्त मामले का प्रकाशन किया गया था। जिसके बाद अनावेदक के द्वारा पत्रकार राजेश प्रसाद गुप्ता व उनके पिता एवं बड़े भाई के प्रति लखनपुर थाना में जातिगत गाली गलोज व जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाया गया था। उक्त मामले का ज्ञापन पत्रकार संघ द्वारा सरगुजा कलेक्टर व एसपी को सौंपा गया है।

प्रदेश महासचिव अखिलेश जायसवाल ने कहा, कि किसी के विरुद्ध समाचार प्रकाशन करना जोखिम भरा काम हो गया है समाचार प्रकाशन से विक्षिप्त होकर आए दिन पत्रकारों पर फर्जी शिकायत हो रहा है उन्होंने जिला एसपी व कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
इस दौरान प्रदेश महासचिव अखिलेश जायसवाल संभाग अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार यादव जिला अध्यक्ष राजेश प्रसाद गुप्ता जिला महासचिव अमोद कुमार तिवारी जिला उपाध्यक्ष विकास अग्रवाल, अबरार खान, विजेंदर प्रजापति, ओम नारायण, दीनानाथ यादव, परमार राजवाड़े सहित अन्य पत्रकार साथी मौजूद रहे।

अभी हाल ही में बागबाहरा के तमोरा में 250 एकड़ वन भूमि पर ओडिशा से आए 50 से ज्यादा परिवारों के अवैध कब्जे पर कार्रवाई की गई। अम्बिकापुर में भी इससे पहले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की गई है ! इससे पहले रायपुर में आरडीए की 25 एकड़ जमीन पर हुआ कब्जा हटाया गया। रायपुर में ही कुछ समय पहले गजराज बांध के इलाके में रातों – रात हुए कब्जे पर कार्रवाई की गई थी। इस तरह के बेजा कब्जा और अन्य अतिक्रमण के मामलों में प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आती रही है। वहीं भू माफिया और जमीन के दलाल कई बार अशिक्षित लोगों को लालच में फांस कर सरकारी जमीन ही बेच देते हैं। आम लोग भी सस्ती जमीन के लालच में इस तरह के गिरोह के झांसे में आ जाते हैं। इस तरह के निवेश में अपने जीवन भर की जमापूंजी गंवा कर कई लोगों का जीवन भी अंधकारमय हो जाता है। सरकारी एजेंसियों को इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। नियमित तौर पर सरकारी भूखंडों का सर्वे कर उन पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल जमीदोज करना चाहिए। भू माफिया, दलाल और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की कथित साठगांठ से चल रहे इस अनैतिक गठजोड़ पर तत्काल कड़ी कार्रवाई जरूरी है। आम लोगों का यह कर्तव्य बनता है, कि वे किसी भी भूखंड की खरीद में पूरी सावधानी बरतें। सरकारी विभागों के नियमानुसार ही संपत्ति की खरीद-बिक्री करें।
इस तरह के निवेश में अपने जीवन भर की जमापूंजी गंवा कर कई लोगों का जीवन भी अंधकारमय हो जाता है। सरकारी एजेंसियों को इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने का हर संभव प्रयास करना चाहिए।




