अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी का मामला आया प्रकाश में, यूएई से भारतीय युवा सिविल इंजीनियर जमीरुल हसन आबुधाबी पुलिस की मदद से लौटा भारत, यूपी में भी अंतर्राष्ट्रीय गिरोह सक्रिय
अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जमीरुल हसन पिता अंजारुल हसन उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी मुहम्मदपुर क्याज़ियाना वार्ड नंबर 06, मोहन बहेरा, पोस्ट मोहन बहेरा, ज़िला दरभंगा (बिहार) 847201 को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सक्रिय अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर किताबुद्दीन सिद्दीकी द्वारा उक्त युवक को दिल्ली से यूनाइटेड अरब अमीरात भेजा गया, जहां युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया ! इस घटना से देश में बढ़ती मानव तस्करी गंभीर चिंता का विषय बन गया है ...
अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी का मामला आया प्रकाश में, यूएई से भारतीय युवा सिविल इंजीनियर जमीरुल हसन आबुधाबी पुलिस की मदद से लौटा भारत, यूपी में भी अंतर्राष्ट्रीय गिरोह सक्रिय

अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जमीरुल हसन पिता अंजारुल हसन उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी मुहम्मदपुर क्याज़ियाना वार्ड नंबर 06, मोहन बहेरा, पोस्ट मोहन बहेरा, ज़िला दरभंगा (बिहार) 847201 को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सक्रिय अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर किताबुद्दीन सिद्दीकी द्वारा उक्त युवक को दिल्ली से यूनाइटेड अरब अमीरात भेजा गया, जहां युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया ! इस घटना से देश में बढ़ती मानव तस्करी गंभीर चिंता का विषय बन गया है !
सरगुजा : बिहार में सामाजिक – आर्थिक परिस्थितियां, जैसे गरीबी, बेरोजगारी, और शिक्षा की कमी, हमारे देश के विभिन्न राज्यों में पूर्व से सक्रिय अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर गिरोह को मानव तस्करी के लिए एक संवेदनशील वातावरण तैयार करती हैं, इन परिस्थितियों का फायदा उठाकर अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी करने वाले गिरोह लोगों को झांसे में लाकर, शोषण और अत्याचार का शिकार बनाते हैं, इस संकट ने न केवल परिवारों को तोड़ा है, बल्कि सामाजिक संरचना को भी चुनौती दी है ! बिहार के साथ साथ देश में मानव तस्करी की समस्या कितनी गंभीर और भयावह है, इसका अंदाजा लगाना कठिन है !

गौरतलब हो के युवा जमीरुल हसन पिता अंजारुल हसन उम्र लगभग 30 वर्ष, मूल निवासी मुहम्मदपुर क्याज़ियाना वार्ड नंबर 06, मोहन बहेरा, पोस्ट मोहन बहेरा, ज़िला दरभंगा (बिहार) 847201, वर्तमान पता – हाउस नंबर : WZ-18F/F तितरपुर चौखंडी, टैगोर गार्डन, साउथ वेस्ट दिल्ली – 110027 ! युवा जमीरुल हसन ने महात्मा गांधी विद्यापीठ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, दिल्ली से दिसंबर सन् 2022 में डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग पास किया, जिसका इनरोलमेंट नंबर M20225709 और सीरियल नंबर MG/20/22/090261 है !

प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी वर्ष बेरोजगार युवा जमीरुल हसन उत्तर प्रदेश में स्थित प्रेमवलिया चौराहा कसया, कुशीनगर निवासी किताबुद्दीन सिद्दीकी के संपर्क में आया ! युवा को किताबुद्दीन सिद्दीकी द्वारा अधिक पैसा कमाने का प्रलोभन और वीआईपी व्यवस्था देने की बात बता कर यूएई में सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया !

समस्त औपचारिकता के बाद इंडिगो फ्लाइट से 02 अगस्त, 2025 का कंफर्म टिकट एजेंट किताबुद्दीन सिद्दीकी द्वारा दिनांक 26 जुलाई, 2025 को समय 06:58 बजे बुक कराया गया !

जिसका PNR/Booking Reference 084RND (Confirmed) ✈️ .6E 1461 (A320) ✈️ Date 02.08.2025, दिल्ली इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मिनल 3) रवानगी समय 08:40, से दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मिनल 1) पहुंचने का समय 10:50, दिनांक 2 अगस्त, 2025 !

एजेंट किताबुद्दीन सिद्दीकी द्वारा यूनाइटेड अरब अमीरात का एम्प्लॉयमेंट वीजा उपलब्ध कराया गया, जिसका यूआईडी नंबर 85967886, फाइल 301/2025/2/101263, स्पॉन्सर : अल बातीन प्लास्टरर्स एंड टाइल्स कांट्रेक्टर, वीजा जारी दिनांक 16.07.2025 वीजा एक्सपायर दिनांक 13.09.2025, पद : कारपेंटर !

उक्त युवा जमीरुल हसन को दिनांक 2 अगस्त, 2025 को यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) शारजाह के अंतर्गत अल मूसा क्षेत्र के अल सज्जा में स्थित सालिक कंक्रीट कारपेंटर कांट्रेक्टर (सालिक ग्रुप ऑफ कम्पनीज़) के लेबर कैंप में रखा गया ! जिसका टेलीफोन नंबर : +971 65646223, E-mail : info@salikgroup.com, Website : www.salikgroup.com है !

जहां जा कर उक्त युवा को मालूम चला के उसके साथ धोखा किया गया है और स्वयं को ठगा महसूस किया, और उसे एहसाह हुआ के वो अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर गिरोह का शिकार बन चुका है ! क्योंकि वो कोई कंपनी नहीं बल्कि एक लेबर सप्लायर कांट्रेक्टर था ! जहां मजदूरों के साथ शोषण ही शोषण था !

अब ड्युटी ज्वॉइन करने के अलावा उसके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था, पीड़ित जमीरुल हसन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस कैंप में रूका था उस कैंप का बॉस यानी कैंपबॉस आ कर युवा जमीरुल हसन से पासपोर्ट लेकर रख लेता है ! दो चार दिन बाद युवा जमीरुल हसन कैंपबॉस से अपना पासपोर्ट वापस मांगता है के हमारे पास कोई 🆔 प्रूफ नहीं है साईड बहुत दूर है कभी चेकिंग में पुलिस दस्तावेज़ मांगेगी तो हम क्या दिखाएंगे ? बस यहीं से सारा मामला बिगड़ जाता है और कैंपबॉस की गुंडागर्दी बेबस असहाय भारतीय मजदूर युवा जमीरुल हसन के साथ शुरू हो जाती है !

युवा जमीरुल हसन अपने एजेंट किताबुद्दीन सिद्दीकी से शिकायत करता है, तो किताबुद्दीन सिद्दीकी उसी कैंपबॉस को फ़ोन कर के बोलता है, कि जमीरूल हसन का बहुत शिकायत आ रहा है देख लो ! दूसरे दिन कैंपबॉस सात आठ साउथ अफ्रीकन के गुंडों को लेकर आता है और जमीरुल हसन के साथ अमानवीय व्यवहार करता है और दुबारा शिकायत करने पर जान से मार कर फेंक देने की धमकी दिया गया !

पुनः दूसरे दिन कैंपबॉस कुछ असामाजिकत्वों को लेकर आता है और जमीरुल हसन का सारा सामान रूम से निकाल कर फेंक देता है और मोबाइल छीन कर जबरन अपने फोर व्हीलर में बैठा कर अन्य दूसरी जगह ले जाता है, और बताया जाता है, कि उसे दूसरे कैंप में शिफ्ट कर दिया गया है !


हालांकि पीड़ित जमीरुल हसन ने सूझ बूझ से काम लिया और अपनी जान की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय पुलिस से मदद मांगते हुए खुद को सरेंडर किया ! इस मामले में एजेंट किताबुद्दीन सिद्दीकी के द्वारा ये कह कर पल्ला झाड़ा जा रहा था, कि जमीरूल हसन स्वयं कैंप से भाग गया है और कैंपबॉस की माने तो उसे रनवे कर दिया गया है ! जबकि सच यह था, कि एजेंट किताबुद्दीन सिद्दीकी और कंपनी को कोई फिक्र नहीं था के बंदा कहां गया ! इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित युवा जमीरुल हसन के परिजन काफ़ी परेशान नज़र आए मगर अब उनके लिए राहत बात यह है, कि पीड़ित जमीरुल हसन आबुधाबी पुलिस की मदद से भारत अपने वतन सही सलामत लौट आए है !

पीड़ित जमीरुल हसन ने बताया, कि उक्त अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर किताबुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ कड़ा लीगल एक्शन लेने की तैयारी में हैं ऐसा उन्होंने स्वयं बताते हुए कहा, कि अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर गिरोह का सरगना किताबुद्दीन सिद्दीकी द्वारा उक्त सालिक ग्रुप ऑफ कम्पनीज़ (यूएई) को बेच दिए गए भारतीय मजदूरों को भारत सरकार की मदद से आजाद कराएंगे और मानव तस्कर किताबुद्दीन सिद्दीकी को मानव तस्कर के जुर्म में कानूनी कार्रवाई कराने की बात भी उन्होंने कहा है !




