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छत्तीसगढ़ के सरगुजा में संगठन सृजन अभियान की शुरुआत, कांग्रेस ने शुरू की पहल

छत्तीसगढ़ के सरगुजा में संगठन सृजन अभियान की शुरुआत, कांग्रेस ने शुरू की पहल

अम्बिकापुर – कांग्रेस कमेटी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पूरे देश में संगठन सृजन अभियान की शुरुआत की गई है। छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले में कांग्रेस पर्यवेक्षक दल का आगमन हुआ !जिसमें झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेंद्र साहू, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी और पूर्व संगठन मंत्री अमरजीत चावला शामिल हैं। इस दल ने जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विचार विमर्श किए।

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∆ हर जिले और ब्लॉक में पहुंचेगा कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान
∆ जनता से जुड़ाव और संगठन सशक्तिकरण पर होगा जोर
∆ हर जिले और ब्लॉक में पहुंचेगा कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान

 

पर्यवेक्षक दल ने बताया, कि कांग्रेस संगठन को पुनः मजबूत करने और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत प्रत्येक जिले और ब्लॉक में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अवलोकक (ऑब्जर्वर) भेजे गए हैं, जो स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से राय – सुझाव लेकर पार्टी की संगठनात्मक मजबूती पर काम करेंगे।

जनता से जुड़ाव और संगठन सशक्तिकरण पर होगा जोर

अभियान के माध्यम से कांग्रेस का लक्ष्य जनता के बीच अपनी पहुंच को बढ़ाना और पार्टी ढांचे को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाना है। उन्होंने कहा, कि यह पहल न केवल जनसंपर्क बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि संगठन सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।

सरगुजा जिला कांग्रेस में कई दावेदार मैदान में
जिलाध्यक्ष पद के लिए अब तक जिन दावेदारों ने आवेदन दिए हैं। इनमें से प्रमुख नाम हैं बालकृष्ण पाठक (वर्तमान जिलाध्यक्ष), शफी अहमद, द्वितेंद्र मिश्रा, राजू बाबरा, दीपक मिश्रा, दानिश रफीक, विनय शर्मा बंटी, उदयपुर से सिद्धार्थ सिंहदेव, सीतापुर से नरेंद्र सिंह छाबड़ा। इन सभी दावेदारों में कई ऐसे नाम हैं जो क्षेत्रीय प्रभाव रखते हैं और काफ़ी लंबे समय से संगठन से जुड़े हैं।

सरगुजा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में संगठन सृजन को लेकर उत्साह का माहौल

कांग्रेस कार्यालय में पर्यवेक्षकों की उपस्थिति के दौरान जिले भर से कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी तादाद में हिस्सा लिया, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह का माहौल देखने को मिल। उक्त सभी दावेदारों की जमीनी पकड़ बेहद मजबूत बताई जा रही है !

सरगुजा में कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत जिलाध्यक्ष की दौड़ में बालकृष्ण पाठक के साथ शफी अहमद भी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा, कि कार्यकर्ताओं की राय और पर्यवेक्षक दल की रिपोर्ट के मुताबिक कौन कांग्रेस का नया चेहरा बनता है, जो अगले विधान सभा चुनाव तक संगठन की कमान संभालेगा।

बालकृष्ण पाठक जी को फिर से जिलाध्यक्ष बनना लगभग तय

वर्तमान में सरगुजा जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक जी हैं, जिन्हें कुछ माह पहले ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। और वे टी.एस. सिंहदेव के बेहद करीबी माने जाते हैं, यह कहना कतई गलत नही होगा, कि श्री बालकृष्ण पाठक जी को जिलाध्यक्ष बनने के बाद सरगुजा जिले में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी है। कांग्रेस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आदरणीय टी.एस. सिंहदेव की पहली पसंद आज भी बालकृष्ण पाठक ही हैं, इसलिए श्री बालकृष्ण पाठक जी को पुनः सरगुजा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है ! तो वहीं कांग्रेस युवा कार्यकर्ताओं की पहली पसंद शफी अहमद बताए जा रहे हैं !

आपको बता दें कि गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे तीनों राज्यों में यह प्रक्रिया हो चुकी है। गुजरात के 41, मध्य प्रदेश के 71 और हरियाणा के 32 जिलों में नए जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। इन नेताओं के लिए दो चरणों में प्रशिक्षण शिविर लगाए गए थें, जिनमें कांग्रेस विचारधारा, बूथ प्रबंधन, डिजिटल टूल्स और जनता से जुड़ाव पर विशेष सत्र हुए।

2026 तक प्रक्रिया पूरी करना कांग्रेस का लक्ष्य
ब्लॉक और मंडल स्तर पर भी नई नियुक्तियां और ओरिएंटेशन का काम चल रहा है। कांग्रेस की योजना है, कि 2026 की शुरुआत तक सभी राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थायी समर्थन व मॉनिटरिंग ढांचे में बदला जाए।

कांग्रेस का दावा – गुटबाजी हो रही है खत्म
कांग्रेस का दावा है, कि इससे गुटबाजी टूट रही है और समाज के वंचित वर्गों तथा युवाओं को बड़ा अवसर मिल रहा है। कांग्रेस के मुताबिक नए जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों में युवा, ओबीसी , एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया है। ओबीसी श्रेणी में प्रतिनिधित्व 24% से बढ़कर 33%, एससी श्रेणी में 4% से 12%, एसटी श्रेणी में 6% से 12% और अल्पसंख्यक श्रेणी में 5% से 9% हो गया है। युवाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ी है 50 साल से कम उम्र के अध्यक्ष अब 51 फीसदी तक पहुंच चुके हैं।

पार्टी का दावा है कि इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता है कनेक्ट सेंटर। इसके जरिए मंथली एक्टिविटी कैलेंडर और समीक्षा प्रणाली लागू की गई है, ताकि जिलों की सक्रियता, बूथ स्तर तक काम और जनता के बीच उपस्थिति मापी जा सके।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, जिलास्तर पर नई ऊर्जा, युवा नेतृत्व और वंचित वर्गों की हिस्सेदारी बढ़ने से संगठन की पकड़ मजबूत होगी और आगामी चुनावी मुकाबलों में पार्टी को निर्णायक बढ़त मिल सकती है।

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान में अभी तक क्या हुआ है

∆ 10 राज्यों में नए सिरे से संगठन निर्माण की चल रही है या पूरी हो चुकी है
∆ 03 राज्यों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है
∆ 04 अन्य राज्यों में लगभग संगठन सृजन का काम पूरा हो चुका है
∆ 274 जिले कवर किए जा चुके हैं
∆ 144 जिलाध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है

 

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