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रहनुमा एजुकेशनल सोसाइटी ने वकीलों की मांग का किया समर्थन, न्यायालय परिसर को पुराने स्थान से न हटाने की अपील

रहनुमा एजुकेशनल सोसाइटी ने वकीलों की मांग का किया समर्थन, न्यायालय परिसर को पुराने स्थान से न हटाने की अपील

अम्बिकापुर — रहनुमा एजुकेशनल सोसाइटी ने न्यायालय परिसर को अपने पुराने स्थान से हटाने के शासन के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। सोसाइटी ने स्पष्ट कहा है, कि वर्तमान न्यायालय परिसर शहर के केंद्र में बस स्टैंड और शासकीय कार्यालयों के नज़दीक स्थित है, जिससे आम जनता विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिलती है।

सोसाइटी के अध्यक्ष मोहम्मद इस्लाम और सचिव रशीद अहमद अंसारी ने कहा कि अगर न्यायालय परिसर को वर्तमान स्थान से हटाया गया तो इससे आम नागरिकों को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। दूर-दराज़ से आने वाले ग्रामीणों को अतिरिक्त खर्च और समय की हानि झेलनी पड़ेगी, जो न्याय तक पहुँच में रुकावट पैदा करेगा।

दोनों पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से अपील की है कि जनता और अधिवक्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए न्यायालय परिसर को उसके वर्तमान स्थान पर ही यथावत रखा जाए।

बैठक में रहनुमा एजुकेशनल सोसाइटी के सभी सदस्य उपस्थित रहे और वकीलों की जायज़ मांगों का सर्वसम्मति से समर्थन किया।
उपस्थित प्रमुख सदस्यों में — मोहम्मद साबिर, मेराज गुड्डू, हाजी यासीन फिरदौसी, डॉ. फ़ैज़ुल हसन फिरदौसी, मोहम्मद ग़फ़िर खान, मसूद आलम, नसीम अंसारी, मोहम्मद इख़लाक़ (छोटू भाई), हाजी नूरे हक़, शकील अहमद, अब्दुल वफ़ा सिद्दीकी, हाजी हक़, मोहम्मद शब्बीर, और आबिद हुसैन (पप्पू) शामिल रहे।

सभी ने एक स्वर में कहा कि न्यायालय परिसर को हटाना जनहित के विपरीत होगा और इससे न्याय तक पहुँचना आम जनता के लिए कठिन हो जाएगा।

 

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