रामानुजगंज क्षेत्रांतर्गत चुमरा में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर… संभवतः रा.गंज रिंग रोड के आस पास की भूमि पर बने मकान का भी हो सकता है जांच
वर्तमान में देखा जाए तो विगत पांच सात साल के अंदर रामानुजगंज में रिंग रोड से सटे हुए शासकीय पशु चिकित्सालय के आस पास क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई है, जो जांच का विषय है क्योंकि...

रामानुजगंज क्षेत्रांतर्गत चुमरा में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर… संभवतः रा.गंज रिंग रोड के आस पास की भूमि पर बने मकान का भी हो सकता है जांच

अम्बिकापुर (डेली ट्रस्ट न्यूज़) : राज्य के अलग अलग हिस्सों में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े प्रयास के मामले बढ़ते जा रहे हैं ! संगठित गिरोह और भू माफिया इस अवैध धंधे में सक्रिय हैं, सरकारी जमीन देखकर ही उनकी जीभ से लार टपकती है ! एन-केन-प्राकेन रातों-रात कब्जा कर निर्माण भी करना शुरू कर देते हैं, ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब राज्य के किसी न किसी हिस्से से अतिक्रमण विरोधी अभियान की खबरें न आती हो !

ऐसा ही कार्यवाही आज देखने को मिला बलरामपुर जिले के अंतर्गत रामचंद्रपुर ब्लॉक में स्थित ग्राम चुमरा में, जहां वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ वन विभाग ने सशक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ा अभियान चलाया। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के अंतर्गत विजयनगर सर्किल की चुमरा बीट (कंपार्टमेंट नंबर P3461) में लंबे समय से वन भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को आज शनिवार सुबह ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान कुल 11 अवैध मकानों को तोड़ा गया और लगभग 30/ 40 हेक्टेयर वन भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया जो सराहनीय है, इस कार्यवाही से बेजा कब्जाधारियों व अन्य

अतिक्रमणकारियों सहित भू माफियाओं में भय बन गई है ! हालांकि इस तरह के मामलों में प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आती रहती है ! वहीं भू माफिया और जमीन के दलाल कई बार अशिक्षित लोगों को लालच देकर सरकारी जमीन ही बेच देते हैं और आम लोग भी सस्ती जमीन के लालच में इस तरह के गिरोह के झांसे में आ जाते हैं ! इस तरह के निवेश में अपने जीवन भर की जमापूंजी गंवा कर अपनी जीवन को अंधकारमय कर लेते हैं ! सरकारी एजेंसियों को इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए ! नियमित तौर पर सरकारी भूखंडों का सर्वे कर उन पर किए गए या हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल जमींदोज किया जाना चाहिए !

वर्तमान में देखा जाए तो विगत पांच सात साल के अंदर रामानुजगंज में रिंग रोड से सटे हुए शासकीय पशु चिकित्सालय के आस पास क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई है, जो जांच का विषय है क्योंकि भू माफिया, भूमि दलाल और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की कथित साठगांठ से चल रहे इस अनैतिक गठजोड़ पर तत्काल कड़ी कार्यवाही ज़रूरी है !

आम लोगों का भी यह कर्तव्य है, कि वे किसी भी भूखण्ड की ख़रीद में पूरी सावधानी बरतें, सरकारी विभागों के नियमानुसार ही संपत्ति की क्रय-विक्रय करें !

यह कार्रवाई वन मंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेई के निर्देशन में और प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी विकाश निकुंज के नेतृत्व में की गई। साथ ही इसमें SDO संतोष पांडेय, वन परिक्षेत्र रामानुजगंज वन वन परिक्षेत्र बलरामपुर परिक्षेत्र वन वड्राफनगर अधिकारी कर्मचारी एवं राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की भी सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने जानकारी दी, कि कार्रवाई से पहले भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 80/अ, के अंतर्गत सभी संदिग्ध अतिक्रमणकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इनमें स्पष्ट रूप से कहा गया था, कि संबंधित व्यक्ति वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें और स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएं। निर्धारित समयावधि बीतने के बाद भी जब कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए और ना ही अतिक्रमण हटाया गया, तब विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मकानों को गिरा दिया।

यह अभियान वन विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस के समन्वय से चलाया गया। मौके पर पर्याप्त संख्या में वन कर्मी, राजस्व अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहे, जिससे पूरा अभियान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। वन विभाग ने यह भी बताया, कि आसपास के क्षेत्रों में स्थित अन्य संदिग्ध कब्जों की सर्वेक्षण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोका जा सके। विभाग की मंशा है, कि वन क्षेत्र को सुरक्षित एवं संरक्षित रखा जाए।




