लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरो का टोटा –इलाज भी इलाज के लिए भटक रहा
छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा, कि पूरे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य केंद्रों मे यही स्थिति है। मौजूदा सरकार में ऐसी स्थिति बनाई गई है, कि बात रखने का मौका भी नहीं दिया जा

लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरो का टोटा –इलाज भी इलाज के लिए भटक रहा
∆ रिपोर्टर मुन्ना पांडेय
लखनपुर – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर में डॉक्टरों की कमी होने कारण दूर दराज ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को माकूल चिकित्सिय सुविधा नहीं मिल पाने के वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसको लेकर अस्पताल प्रबंधन भी चिंतित हैं !

व्यवस्था ऐसा कि गर्भवती महिलाए चेकअप के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आती है तो महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मजबूरी वश गर्भवती महिलाओं को आयुष चिकित्सक या आरएमए से जांच कराना पड़ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लम्बे समय से चिकित्सकों की कमी रही है। साथ ही दवाइयो तथा जांच उपकरणों का सही इंतजामात नहीं होने से व्यवस्था चरमरा सी गई है। शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि जरूरत मंद बिमार लोगों को अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।

सेटअप के अनुसार 9 डॉक्टरों की नियुक्ति होनी चाहिए थी, जो वर्तमान में नहीं है। मौजूदा वक्त में केवल तीन डॉक्टरों के भरोसे ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा है। महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन सहित अन्य दवाइयां के नहीं होने तथा सीबीसी जांच नहीं होने से मरीजों की परेशानी चरम पर है विकासखंड क्षेत्र के 74 ग्राम पंचायतो तथा उनसे जुड़े आश्रित ग्रामों के ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भरोसे है। जिन्हें सही तरीके से स्वास्थ्य अस्पताल में सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे मरीज निजी अस्पतालों या झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज कराने मजबूर है। स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी होने तथा अन्य सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। काबिले गौर है कि अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ो मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्सा सुविधाओं की कमी के चलते स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पी.एस. मार्को ने बताया, कि अमूमन पूरे जिले में चिकित्सकों की कमी है। DHS को खाली पदों की जानकारी देकर चिकित्सकों का सेटअप मंगवाया गया है। आखिरी जून माह तक चिकित्सक नियुक्ति की जायेगी।साथ ही जल्द ही सभी स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराई जाएगी।
मौजूदा सरकार में बात रखने का मौका तक नहीं दिया जाता : टी.एस. सिंहदेव
छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा, कि पूरे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य केंद्रों मे यही स्थिति है। मौजूदा सरकार में ऐसी स्थिति बनाई गई है, कि बात रखने का मौका भी नहीं दिया जा रहा है। ये कैसा प्रजातंत्र है ? जहां मुख्यमंत्री से मिलने तक का मौका नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा समय – समय पर हमारे द्वारा पत्र लिखा जा रहा है। लेकिन उसका जवाब देने वाला कोई नहीं है।




