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अम्बिकापुर ज़िला चिकित्सालय में नवजात शिशु के लिए देवदूत बने रक्तदाता मो. इमरान, निभाया इंसानियत का फर्ज़

यह घटना दर्शाती है, कि मानवता और सेवा का जज्बा जब मिलकर काम करता है, तो जीवन-मरण की स्थिति में भी चमत्कार संभव हो जाता है। समाज...

अम्बिकापुर ज़िला चिकित्सालय में नवजात शिशु के लिए देवदूत बने रक्तदाता मो. इमरान, निभाया इंसानियत का फर्ज़

नवजात बच्ची जैनब फातिमा

अम्बिकापुर : समाज में इंसानियत और सेवा की मिसाल पेश करते हुए मोमिनपुरा अम्बिकापुर के एक रक्तदाता मो. इमरान ने महज कुछ ही मिनटों में एक नवजात शिशु की जान बचाने के लिए रक्तदान कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

प्राप्त सूत्रों के अनुसार अम्बिकापुर ज़िला अस्पताल में 26 मार्च, 2025 को जन्मे नवजात बच्ची का दिनांक 31 मई, दिन शनिवार को अचानक तबियत ख़राब हो गई, जहां डॉक्टर ने उसको ब्लड इन्फेक्शन और खून की कमी होना बताया, जिससे बच्ची की हालात काफ़ी ख़राब हो गई थी, और ब्लड बैंक में ओ पॉजिटिव ब्लड उपलब्ध नहीं होने के कारण एक्सचेंज पर भी लाभ नहीं मिल सका !

नवजात बच्ची के परिजन द्वारा व्हाट्सएप स्टेट्स पर मैसेज डाला गया और शिशु के लिए तुरंत ओ पॉजिटिव रक्त दाताओं से 60 एमएल ब्लड की मांग की ! स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सूचना मिलते ही ब्लड डोनर मो. इमरान ने महज पांच मिनट के भीतर ब्लड बैंक ज़िला चिकित्सालय पहुंच कर पहली यूनिट रक्तदान कर दी। वहीं, आवश्यकता पड़ने पर दूसरी यूनिट के लिए भी दर्जन भर लोगों ने अपना रक्तदान करने का इच्छा जताया !

रक्तदाता मो. इमरान रक्तदान हेतु सैंपल जांच हेतु देते हुए…!

रक्तदाताओं के इस त्वरित और निस्वार्थ प्रयास से नवजात को समय पर आवश्यक रक्त मिल सका, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। यह घटना दर्शाती है, कि मानवता और सेवा का जज्बा जब मिलकर काम करता है, तो जीवन-मरण की स्थिति में भी चमत्कार संभव हो जाता है। समाज को इन रक्तदाताओं से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए और रक्तदान जैसी पुण्यकारी गतिविधियों में योगदान देना चाहिए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर जीवनदान मिल सके।

पूर्व पार्षद मो. इस्लाम के शहजादे मो. इमरान खान उर्फ सोनू

लोक सेवा मुस्लिम महिला समिति की अध्यक्ष एवं समाज सेविका सुल्ताना सिद्दीकी ने बताया, कि समाज में ऐसी सोच काबिले तारीफ है। हमारा उद्देश्य है, कि रक्त की कमी से किसी का जीवन न जाए।

नवजात बच्ची जैनब फातिमा की जान बचाने की नियत से रक्तदान करते हुए रक्तदाता मो. इमरान उर्फ सोनू

रक्तदाता मो. इमरान खान (सोनू) ने बताया, कि रक्तदान दयालुता का सबसे बड़ा काम है, उन्होंने कहा, कि खून का अभी तक विज्ञान ने कोई विकल्प नहीं बनाया है, जिसके कारण मानव ही मानव के खून की आवश्यकता पूरी कर सकता है, अगर अपने खून से किसी की जान बच जा रही रही है तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता, उन्होंने रक्त दान से अपने शरीर को निरोगी रखने का सन्देश दिया !

नवजात बच्ची की मां ने ब्लड डोनर मो. इमरान को दुआ देते हुए कहा रब जुल जलाल आप (मो. इमरान) को दुनिया और आख़िरत में अज़ीम मर्तबा शान और इज़्ज़त अता फरमाए, आपकी तमाम इबादत और हर दुआ कबूल व मंजूर हो, हर पल हर घड़ी आप पर रहमतों और बरकतों की बारिश हो… “आमीन”

वहीं नवजात बच्ची के अन्य परिजनों ने भी दुआ से नवाजा 👉 ऐ मेरे मौला अपने ख़ास करम से उन तमाम लोगों को जिन्होंने व्हाट्सएप स्टेट्स पढ़ कर तत्काल फ़ोन के जरिए अपना अपना रक्तदान करने की ख्वाहिश जताई उन सभी प्रेमियों के साथ मो. इमरान की जिन्दगी में चैन व सकून की ऐसी बहार लाए जो कभी ख़त्म न हो, मौला आप सबको तमाम आफत व बला से जिन व शैतान के शर महफूज़ रखे और बेहिसाब खुशियां अता फरमाए.. “आमीन” या मेरे मौला हम सबको और ख़ास कर इमरान को और इमरान से जुड़े तमाम अजीजो क़ारिब को अपनी नाराज़गी ज़मीनी व आसमानी अजाब से बचा ! आमीन या रब्बुल आलेमीन

 

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