जाने-माने एडवोकेट संजय अंबष्ट के जन्मदिन पर हज़ारों लोगों ने दी शुभकामनाएं …
जाने-माने एडवोकेट संजय अंबष्ट के जन्मदिन पर हज़ारों लोगों ने दी शुभकामनाएं …

अम्बिकापुर – ज़िला एवं सत्र न्यायालय अम्बिकापुर के लोकप्रिय अधिवक्ता श्री संजय अंबष्ट जी का जन्मदिन इस वर्ष एक अनोखे और प्रेरणादायक अंदाज़ में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने यह संकल्प लिया कि वे गरीब, पीड़ित और असहाय लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करते रहेंगे।
प्रदेश भर के हजारों लोगों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संजय अंबष्ट को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। रामानुजगंज, बलरामपुर, राजपुर, वाड्रफनगर कोर्ट, सूरजपुर एवं बिलासपुर हाईकोर्ट व प्रदेश की विभिन्न कोर्टों के वरिष्ठ वकीलों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे।

संजय अंबष्ट ने इस मौके पर अपने दादा जी को नमन किया उन्होंने कहा मैं अंतिम नागरिक तक न्याय पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करता रहूंगा। जो कुछ भी हूँ, अपने माता-पिता और अध्यापकों की बदौलत हूँ।

अम्बिकापुर शहर में जन्मे संजय अंबष्ट के माता पिता ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

श्री संजय अंबष्ट मानते हैं, कि उनके जीवन में जो भी उपलब्धियाँ हैं, उनमें उनके परिवार और अध्यापकों का विशेष योगदान है।

ज़िला एवं सत्र न्यायालय अम्बिकापुर में वर्ष 1993 से अपने वकालती करियर की शुरुआत करने वाले संजय अंबष्ट ने कुछ ही वर्षों में सरगुजा संभाग एवं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में मजबूत पहचान बनाई। वे क्रिमिनल और सिविल मामलों में विशेषज्ञता रखते हैं।

अधिवक्ता संजय अंबष्ट प्रदेश एवं देश की युवा पीढ़ी को क्रांतिकारी वीरों के आदर्शों से जोड़ने का संकल्प लिए हुए हैं। उन्होंने कहा मैं चाहता हूं कि भारत का हर युवा भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, अशफाक उल्ला खान, उधम सिंह और करतार सिंह सराभा जैसे बलिदानियों से प्रेरणा ले और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे ।

जाने माने अधिवक्ता श्री संजय अंबष्ट जी का उद्देश्य है, कि प्रदेश भर के युवाओं को अपने साथ जोड़ते हुए गाँव-गाँव जाकर कानूनी सहायता प्रदान की जाए। उनका मकशद न्याय को केवल किताबों तक सीमित रहने देना नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है !
मशहूर अधिवक्ता संजय अंबष्ट जी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश का लोकप्रिय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र नई दुनिया में प्रकाशित….
कम समय में वकालत के पेशे ने शहर के श्री संजय अम्बष्ट को बड़ा नाम दिया है। अपने काम और पेशे से कोई पहचान बना ले तो इससे बड़ी बात और कुछ नहीं हो सकती। अपने पेशे के कारण हर आम और खास के बीच चर्चित अधिवक्ता संजय अम्बष्ट अब पहचान के मोहताज नहीं है। किसी भी अदालती कोर्ट, कचहरी, थाना, पुलिस के मामले में कोई परेशान हुआ तो सबसे पहले उसकी जुबान पर या उसे सलाह देने वाले की जुबान पर कोई नाम … आता है, तो वह सिर्फ एक ही नाम संजय अम्बष्ट है। लोगों को पता है, कि अधिवक्ता संजय अम्बष्ट एक ऐसी शख्सियत है जिनकी वकालत के पेशे पर न सिर्फ गहरी पकड़ है बल्कि निरंतर अध्ययन तथा हर एक प्रकरण की तैयारियों के साथ अदालत में प्रस्तुत होने की उनकी विशिष्टता का लाभ अवश्य मिलता है।

सभी के दिलों पर राज करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अम्बष्ट इस शहर की शान है। हर आम और खास के बेहद करीब वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अम्बष्ट सभी के दिलों में राज करते हैं। जिला एवं सत्र न्यायालय अंबिकापुर में वर्ष 1993 से वकालत के पेशे में आए संजय अम्बष्ट अपने पेशे के प्रति पूरी ईमानदारी से काम करने के कारण सरगुजा संभाग में चर्चित हुए है। समूचे संभाग में इनकी अलग छवि है। हर समाज व वर्ग के लोगों से इनका विशेष रिश्ता व आत्मीय संबंध है। लोगों के हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने की अधिवक्ता संजय अम्बष्ट की आदत इन्हें दूसरों से अलग श्रेणी में रखता है। हर समय जरूरतमंदों की मदद इनकी आदत है। इनकी दिनचर्या भी समाज के लोगों के साथ नजदीकी संबंधों को निभाने से शुरू होती है। वे हर समय जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे रहते हैं। यह मदद धन, श्रम अथवा पेशे से ही जुड़ा होता है। यही कारण है कि संजय अम्बष्ट हर आम व खास लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। अधिवक्ता संजय अम्बष्ट अपने मिलनसार और मददगार स्वभाव के कारण भी लोगों के बीच अलग पहचान बनाए हुए हैं। पेशे से शिक्षक सेवानिवृत्त श्री मोहन गोपाल अम्बष्ट के सुपुत्र संजय अम्बष्ट ने अंबिकापुर शहर के स्कूल और कॉलेज में अध्ययन – अध्यापन के बाद वकालत का पेशा चुना। न्यायालय पहुंचे तो उन्हें उनके मुताबिक ईश्वर तुल्य गुरु वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अब्दुल रशीद सिद्दीकी जैसे अधिवक्ता मिले। इनकी अध्ययनशीलता को संजय अम्बष्ट ने अपनाया।

अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम देने के कारण ही आज संजय अम्बष्ट सरगुजा संभाग के सबसे अनुभवी आपराधिक प्रकरणों के वकील माने जाते हैं। अधिवक्ता संजय अम्बष्ट ने कुछ उसूल बना रखे हैं। उसी उसूलों पर वह काम करते हैं और हर बार सफल होते हैं। लोगों के सुख-दुख में खड़े होना उनकी आदत है उनका आत्मीय व्यवहार हर किसी को प्रभावित करता है अपनी बेबाकी के लिए भी वे जाने जाते हैं।







