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अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल जी, आरएसएस बैकग्राउंड से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव, आरंग सीट से विधायक खुशवंत साहेब जी को मंत्री बनना लगभग तय, राजेश अग्रवाल जी का नाम आने के पीछे राजनीतिक समीकरण ही नहीं बल्कि कई अहम कारण है…

मंत्रिमंडल विस्तार : मुख्यमंत्री निवास में विष्णुदेव साय ने की विधायक राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब से मुलाकात

अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल जी, आरएसएस बैकग्राउंड से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव, आरंग सीट से विधायक खुशवंत साहेब जी को मंत्री बनना लगभग तय, राजेश अग्रवाल जी का नाम आने के पीछे राजनीतिक समीकरण ही नहीं बल्कि कई अहम कारण है

अम्बिकापुर – छत्तीसगढ़ में साय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जो खबर निकलकर सामने आई है, वो ये है के देर रात मुख्यमंत्री निवास में सीएम विष्णुदेव साय ने विधायकों से मुलाकात कर चर्चा की ! मुख्यमंत्री ने रात में जिन विधायकों से मुलाकात की है उनमें अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब शामिल हैं !

दोनों ही विधायकों से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा की और चर्चा के बाद दोनों ही विधायक मुख्यमंत्री निवास से बाहर निकले और बेहद आत्मविश्वास से भरे हुए मुस्कान के साथ रवाना हो गए !

हरियाणा की तर्ज पर होगा छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार

हरियाणा में भी 90 विधायक हैं, हरियाणा में बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं, इस लिहाज से हरियाणा के फॉर्मूले को छत्तीसगढ़ में भी लागू करते हुए 3 और मंत्री बनाए जा सकते हैं, हालांकि जबसे छत्तीसगढ़ बनी है तब से 13 मंत्री ही बनते आ रहे हैं, नियमों के तहत विधायकों की संख्या के 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते हैं, इसलिए 90 विधायकों में 13.5 मंत्री बन सकते हैं इसलिए मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री भी हो सकते हैं.

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बढ़ती सरगर्मियों के बीच नामों को लेकर उथल-पुथल के हालात अब भी बरकरार हैं, इस बीच भाजपा संगठन के एक भरोसेमंद सूत्र ने अब तक चर्चाओं में रहने वाले नामों के उलट नए नाम की चर्चा छेड़ दी है, इन नामों में अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल, आरंग से विधायक गुरू खुशवंत सिंह और दुर्ग के विधायक गजेंद्र यादव शामिल हैं, इससे पहले तक जिन नामों को लेकर चर्चा रही हैं, उनमें अमर अग्रवाल, गजेंद्र यादव, पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत जैसे विधायकों के नाम शामिल थे !

अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल जी

 

राजेश अग्रवाल के नाम के पीछे क्या है समीकरण ?

मंत्रिमंडल विस्तार में संभावित मंत्री के रूप में अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल के नाम की चर्चा ने जोर पकड़ा है, विधानसभा चुनाव में राजेश अग्रवाल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे टी. एस. सिंहदेव को मात देकर जीत दर्ज की है, सरगुजा संभाग की राजनीति में टी.एस. सिंहदेव का ऊंचा कद रहा है आपको बता दें कि साल 2018 के चुनाव में सरगुजा संभाग से भाजपा का सूपड़ा साफ करने के पीछे टी.एस सिंहदेव ही प्रमुख रणनीतिकार थे, लेकिन साल 2023 के विधानसभा चुनाव आते-आते समीकरण तेजी से बदल गए, कभी टी.एस. सिंहदेव के बेहद करीबी रहे राजेश अग्रवाल को भाजपा ने उनके ही विरुद्ध उम्मीदवार बनाया और उन्होंने सिंहदेव को शिकस्त देते हुए जीत का परचम लहराया ! मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं में राजेश अग्रवाल का नाम आने के पीछे सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं हैं, बल्कि कई अहम कारण हैं, जो उनकी दावेदारी को मजबूत कर रही है ! बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद से वैश्य समाज का सरकार में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है !

आरंग सीट से विधायक खुशवंत साहेब

 

गुरु खुशवंत के नाम की चर्चा की वजह ?

आरंग सीट से विधायक खुशवंत साहेब सतनामी समाज के गुरु हैं. वह सतनामी समाज के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक भंडारपुरी गुरु गद्दी के उत्तराधिकारी हैं ! सतनामी समाज के एक दूसरे प्रमुख तीर्थ स्थल गिरौदपुरी की गद्दी के उत्तराधिकारी कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके गुरु रूद्र कुमार हैं. दोनों ही सतनामी समाज के संत गुरु घासीदास के वंशज हैं, लेकिन राजनीतिक तौर पर दोनों एक-दूसरे के विरोधी हैं. भंडारपुरी गद्दी के गुरु बालदास के समाज में प्रभाव को आप इस तरह से समझिए कि साल 2013 के चुनाव के दौरान उन्होंने सतनाम सेना पार्टी का गठन कर चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे थे, अनुसूचित जाति बहुल सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार उतरने से वोटों का समीकरण बिगड़ा और इसका फायदा भाजपा को हुआ ! भाजपा ने तब राज्य की 10 अनुसूचित जाति की सीटों में से 9 पर जीत दर्ज की थी, मगर साल 2018 के चुनाव में गुरु बालदास की नाराजगी भाजपा को भारी पड़ गई, जब उन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया था, लेकिन 2023 के चुनाव के ठीक पहले गुरु बालदास अपने बेटे गुरु खुशवंत साहेब के साथ भाजपा में शामिल हो गए !

भाजपा ने गुरु खुशवंत साहेब को आरंग से अपना उम्मीदवार बनाया था, उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहे शिव डहरिया को भारी मतों से हराकर जीत हासिल की थी, भाजपा के रणनीतिकार की माने तो गुरु खुशवंत साहेब को साय सरकार में मंत्री बनाकर भाजपा अनुसूचित जाति वर्ग के वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, संगठन के भीतर यह भी चर्चा रही है, कि गुरु बालदास अपने विधायक बेटे को मंत्री बनाने के लिए दिल्ली तक दौड़ लगाते रहे हैं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा हाईकमान के कई वरिष्ठ नेताओं से उनकी चर्चा होती रही है, ऐसे में भाजपा को डर है, कि अगर गुरु खुशवंत साहेब को मंत्री नहीं बनाया गया, तो गुरु बालदास की नाराजगी मोल लेनी पड़ सकती है और इसका असर आगामी चुनाव में पड़ सकता है !

दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव

गजेंद्र यादव को भी मंत्री बनाया जाना लगभग तय है माना जा रहा है –

आरएसएस बैकग्राउंड से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को भी मंत्री बनाया जाना लगभग तय है, चर्चा है कि आरएसएस की तरफ से भी उन्हें मंत्री बनाए जाने का दबाव है, आरएसएस से उनके नाम की पैरवी किए जाने की खबर है, साथ ही यादव समाज को साधने के लिहाज से भी मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दिए जाने की वकालत की गई है, राज्य के ओबीसी वर्ग में साहू समाज के बाद सर्वाधिक जनसंख्या यादव समाज की है, ऐसे में गजेंद्र यादव की दावेदारी काफी मजबूत बताई जाती है, यादव समाज ने मंत्रिमंडल में समाज का प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की है !

छत्तीसगढ़ के वर्तमान मंत्री एवं उनके विभाग 

1. विष्णु देव साय मुख्यमंत्री, सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्यिक कर (आबकारी), परिवहन, अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित न हो !
2 अरूण साव उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि और विधायी कार्य, नगरीय प्रशासन
3 विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री, गृह एवं जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी
4 राम विचार नेताम मंत्री, आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण
5 दयाल दास बघेल मंत्री खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण
6 केदार कश्यप मंत्री, संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता
7 लखन लाल देवांगन मंत्री, वाणिज्य और उद्योग, श्रम
8 श्याम बिहारी जायसवाल मंत्री, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन
9 ओ.पी. चौधरी मंत्री, वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी
10 लक्ष्मी राजवाड़े मंत्री, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण
11 टंकराम वर्मा मंत्री, खेलकूद एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन

 

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