
नकली खाद माफियाओं के हौसले बुलंद, जयनगर में नए नाम से फिर शुरू हुआ अवैध कारोबार, जांच अधिकारी पर लीपा-पोती के आरोप
बड़ा खुलासा
सूरजपुर कलेक्टर द्वारा पुराना लाइसेंस निरस्त होने के बाद अब बेटे के नाम पर जारी हुआ नया लाइसेंस; ग्रामीणों ने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर लाइसेंस रद्द करने की उठाई मांग।

सूरजपुर / जिले के बिश्रामपुर, जयनगर क्षेत्र
के अन्नदाताओं की पीठ पर छुरा घोंपने और नकली खाद का काला साम्राज्य चलाने वाले भू-माफियाओं और खाद संचालकों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। जयनगर स्थित एक रासायनिक खाद संचालक द्वारा न सिर्फ भारी मात्रा में नकली खाद का निर्माण किया जा रहा है, बल्कि अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर इसका अवैध भंडारण कर भोले-भाले किसानों का शोषण किया जा रहा है। मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब जांच अधिकारी की भूमिका ही संदिग्ध पाई गई, जिससे विभाग की मिलीभगत की बू आ रही है।

मकान मालिक के कथनानुसार विमल रजवाड़े के घर से ही लायसेंस धारक प्रशान्त कुमार अग्रवाल का 163 बोरी खाद जब्त, फिर भी आरोपी अज्ञात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 25 मई 2026 को तत्कालीन कृषि उर्वरक निरीक्षक नागेंद्र आर्मो द्वारा ग्राम भगवानपुर कला के विमल राजवाड़े के घर पर दबिश देकर 163 बोरी अवैध खाद जब्त की गई थी।
पूछताछ में घर मालिक विमल राजवाड़े ने स्पष्ट रूप से खाद संचालक प्रशांत कुमार अग्रवाल पिता मामन कुमार अग्रवाल का नाम उजागर किया था। इसके बावजूद, सांठ-गांठ और लीपा-पोती का खेल खेलते हुए जांच अधिकारी ने जब्ती को अज्ञात दर्शा दिया।
हस्तलिखित नोट से संदेहास्पद खेल उजागर, जांच अधिकारी श्री नागेंद्र आमों को फील्ड से हटाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारी द्वारा खाद का सैंपल लेने के बाद उसे प्रयोगशाला भेजने में 7 दिनों का जानबूझकर विलंब किया गया, जो इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि आरोपी को बचाने के लिए पर्दे के पीछे तगड़ी सेटिंग चल रही थी।
सदियों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी चल रहा काले कारनामे का खेल
यह कोई पहला मामला नहीं है। इस खाद संचालक परिवार का इतिहास ही अवैध कारोबार से जुड़ा रहा है
मई 2025 का काला इतिहास, पिछले साल 30 मई 2025 को विभाग ने मामन कुमार के पिता तत्कालीन 92 वर्षीय लाइसेंस धारी महावीर प्रसाद अग्रवाल के ठिकानों पर छापा मारकर 2400-2500 बोरी अवैध खाद, 3000 खाली बोरियां और नकली खाद बनाने की सामग्री जब्त की थी। जयनगर थाने में अपराध दर्ज होने के बाद सूरजपुर कलेक्टर के आदेश पर उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था, जिसका मामला आज भी कोर्ट में है।
नया पैंतरा
पुराना लाइसेंस निरस्त होते ही मुख्य कर्ता-धर्ता मामन कुमार अग्रवाल ने नया पैंतरा बदला और अपने पुत्र प्रशांत कुमार अग्रवाल के नाम पर नया खाद लाइसेंस हासिल कर लिया।
नाम बदला, लाइसेंस बदला, लेकिन नकली खाद और कालाबाजारी का गंदा खेल नहीं बदला!
ग्राम सभा भड़की, प्रस्ताव पारित कर कहा- रद्द हो लाइसेंस
इस पूरे फर्जीवाड़े के खिलाफ अब जयनगर के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है।
05 जून 2026 को आयोजित ग्राम सभा सम्मेलन में ग्रामीणों ने इस तानाशाही और धोखाधड़ी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर उक्त खाद संचालक का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
भाजपा नेता मो. इसराईल ने खोला मोर्चा, CM और कलेक्टर से हुई लिखित शिकायत

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं जशपुर जिला प्रभारी मो. इसराइल ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए उप संचालक कृषि अधिकारी सूरजपुर को लिखित शिकायत सौंपी है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उच्च अधिकारियों की देखरेख में मामले की पुन सुपरविज़न जांच होनी चाहिए।
वहीं रासायनिक खाद्य जप्त करने पाश्चात्य उप- संचालक कृषि अधिकारी द्वारा खाद विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है,
इसके बावजूद उक्त खाद विक्रेता द्वारा खुलेआम खाद विक्रय किया जाना कृषि अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त का संकेत देता है।

सूरजपुर जिले में नवपदस्त कलेक्टर के द्वारा रासायनिक खाद बीज को लेकर शक्त निर्देशों के बावजूद कृषि विभाग के संरक्षण से नकली खाद व कालाबाजारी का गोरख धंधा खुलेआम निर्बाध गति से जारी है।
मो. इसराइल ने इस भ्रष्टाचार और किसानों के साथ हो रहे खिलवाड़ की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री (छ.ग. शासन) और कलेक्टर (सूरजपुर) को भी उचित व कड़ी दंडात्मक कार्यवाही हेतु प्रेषित की है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इन रसूखदार खाद माफियाओं और भ्रष्ट जांच अधिकारियों पर क्या हंटर चलाता है या फिर अन्नदाता यूं ही लुटता रहेगा।




