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विद्यालयों में धार्मिक गतिविधियों से जुड़े आदेश पर पुनर्विचार की मांग — रशीद अहमद अंसारी

विद्यालयों में धार्मिक गतिविधियों से जुड़े आदेश पर पुनर्विचार की मांग — रशीद अहमद अंसारी

अम्बिकापुर, सरगुजा। जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग सरगुजा के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों के संचालन संबंधी जारी आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश है, जहाँ सभी धर्मों एवं समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, कि विद्यालय बच्चों के शिक्षा, संस्कार, वैज्ञानिक सोच, आपसी भाईचारे और देश के जिम्मेदार नागरिक बनाने का स्थान है। पहले से विद्यालयों में प्रार्थना और राष्ट्रगान की व्यवस्था चली आ रही थी, जिसमें सभी वर्गों के लोग सहज थे। लेकिन वर्तमान आदेश में शामिल कुछ गतिविधियों को लेकर समाज के एक वर्ग में चिंता उत्पन्न हुई है।

रशीद अहमद अंसारी ने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बेहतर ज्ञान देना, उनमें मानवता, प्रेम, सद्भाव और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना होना चाहिए। किसी भी ऐसी व्यवस्था से बचना चाहिए जिससे किसी विशेष धर्म या समुदाय को असहज महसूस हो।

उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की है कि इस आदेश पर पुनर्विचार किया जाए और विद्यालयों में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें सभी धर्मों और वर्गों की भावनाओं का सम्मान हो तथा शिक्षा एवं भाईचारे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा, कि हमारे बच्चे ही देश का भविष्य हैं। उन्हें ऐसा नागरिक बनाना है जो अमन, एकता और तरक्की के रास्ते पर देश को आगे ले जाएं।

 

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