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आपराधिक मामले में घिरे एनएसयूआई पदाधिकारी पर कांग्रेस की कार्रवाई

जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने ज्ञान तिवारी को किया तत्काल प्रभाव से निलंबित, तीन दिन में मांगा संतोषजनक जवाब

आपराधिक मामले में घिरे एनएसयूआई पदाधिकारी पर कांग्रेस की कार्रवाई

अंबिकापुर। जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने आपराधिक मामले में नाम आने के बाद एनएसयूआई पदाधिकारी ज्ञान तिवारी के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने 14 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर ज्ञान तिवारी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी संगठनात्मक पदों से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला संगठन से संबंधित पत्र में ज्ञान तिवारी, उपाध्यक्ष एनएसयूआई प्रभाग, अंबिकापुर जिला सरगुजा को संबोधित करते हुए कहा गया है कि विभिन्न समाचार माध्यमों से उनके विरुद्ध एक गंभीर आपराधिक मामला थाना गांधीनगर, अंबिकापुर में दर्ज होने की जानकारी मिली है।

पत्र में कहा गया है कि पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए आरोप पार्टी की विचारधारा, संविधान एवं अनुशासन के प्रतिकूल हैं। जिला कांग्रेस कमेटी ने इसे पार्टी की अनुशासित राजनीतिक व्यवस्था के अनुरूप स्वीकार्य नहीं माना है।

पत्र के अनुसार, घटना के संबंध में ज्ञान तिवारी को 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय में उनका प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं सभी संगठनात्मक पदों से निलंबित करने का आदेश जारी किया।

साथ ही पत्र में कहा गया है कि निलंबन की अवधि में ज्ञान तिवारी पार्टी के नाम, बैनर अथवा पद का उपयोग किसी भी सार्वजनिक या निजी मंच पर करने के लिए अधिकृत नहीं होंगे।

जिला कांग्रेस कमेटी ने उन्हें पत्र जारी होने की तिथि से आगामी तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में उनके विरुद्ध स्थायी निष्कासन की कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।

इस कार्रवाई की प्रतिलिपि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नीरज पांडे तथा जिला एनएसयूआई अध्यक्ष आशीष जायसवाल को भी भेजी गई है।

उल्लेखनीय है कि निलंबन का आधार पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए आरोप और संगठनात्मक अनुशासन से संबंधित शिकायत है; आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अलग विषय है।

 

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