
अंबिकापुर की जर्जर सड़कें : जनता की आवाज
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में टूटी-फूटी सड़कों और अधूरी नालियों की समस्या को लेकर लोक सेवा मुस्लिम महिला समिति की अध्यक्ष सुल्ताना सिद्दीकी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शहर के कई वार्डों में सड़क और नाली की बदहाल स्थिति के कारण आम लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सुल्ताना सिद्दीकी ने कहा कि बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई इलाकों में सड़कों पर पानी और नालियों का गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा भी बना रहता है।

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, कामकाजी लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को होती है। स्कूल जाने वाले बच्चों को कीचड़ और जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

सुल्ताना सिद्दीकी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब राशन नहीं मिलता तो लोग एकजुट होकर अधिकारियों और संबंधित विभागों तक अपनी आवाज पहुंचाते हैं, तो सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए हम चुप क्यों रहें? सड़क और नाली भी आम जनता की उतनी ही जरूरी जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यह समस्या किसी एक वार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि वार्ड क्रमांक 1 से 48 तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नागरिकों से जाति, धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर शहर के विकास के लिए एकजुट होने की अपील की।

सुल्ताना सिद्दीकी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि कागजों में योजनाएं बनाने के बजाय जमीनी स्तर पर सड़क और नाली की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता टैक्स देती है और मतदान करती है, इसलिए उसे बेहतर सड़क, साफ नाली और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलना उसका अधिकार है।

उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अंबिकापुर के सभी वार्डों के नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रखेंगे।

सुल्ताना सिद्दीकी : अध्यक्ष, लोक सेवा मुस्लिम महिला समिति, अंबिकापुर
«“अगर आज नहीं बोले, तो कल चलने की जगह भी नहीं बचेगी।”»




