
सोनिया गांधी पर राजनीति से पहले भाजपा अपने अतीत पर भी नजर डाले : कांग्रेस नेता मो. इस्लाम

अंबिकापुर। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मो. इस्लाम ने सोनिया गांधी को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे राजनीतिक हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सोनिया गांधी पर आरोप लगाकर भाजपा जिस तरह की राजनीति कर रही है, वह समझ से परे है। भाजपा नेताओं द्वारा सोनिया गांधी के खिलाफ आरोप लगाए जाने और शिकायतें किए जाने के बीच कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है।

मो. इस्लाम ने कहा कि यदि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान की बात हो रही है, तो यह कसौटी सभी नेताओं और राजनीतिक दलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। उन्होंने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉस्को यात्रा के दौरान सामने आई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रगान बजने के दौरान मोदी आगे बढ़े थे और एक रूसी अधिकारी ने उन्हें रोककर वापस खड़ा किया था। इस घटना की उस समय व्यापक चर्चा हुई थी।

उन्होंने कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से जुड़ी मॉस्को की घटना को उस समय एक अनजाने में हुई चूक के रूप में देखा गया, तो आज सोनिया गांधी जी के मामले में बिना पूरे तथ्यों को समझे राजनीतिक आरोप लगाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।”

मो. इस्लाम ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय प्रतीकों और देश की एकता एवं अखंडता का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के खिलाफ चलाए जा रहे राजनीतिक अभियान में भाजपा को पहले पूरे घटनाक्रम के तथ्य सामने रखने चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में सोनिया गांधी का उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ को रोकना नहीं था, बल्कि उस दौरान वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था को लेकर बात कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि “राष्ट्रभक्ति किसी एक दल की जागीर नहीं है। राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है, लेकिन राष्ट्रीय सम्मान के नाम पर किसी नेता को राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।”
मो. इस्लाम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों और आम जनता से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय बार-बार राष्ट्रवाद और भावनात्मक विषयों को राजनीतिक विवाद बनाना जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जी के खिलाफ ओछी राजनीति करने के बजाय भाजपा को तथ्यों और मुद्दों की राजनीति करनी चाहिए। राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान सभी के लिए समान होना चाहिए और राजनीतिक दलों को इस संवेदनशील विषय पर संयम तथा मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।





