
NH-43 की बदहाली पर परवेज आलम गांधी ने उठाए सवाल, कहा—“सड़क नहीं, तालाब नजर आता है”
अम्बिकापुर। अम्बिकापुर संभाग मुख्यालय से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 (NH-43) की बदहाल स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गांधी ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं।

परवेज आलम गांधी ने कहा कि भारत माता चौक से लगभग एक किलोमीटर तक NH-43 की हालत बेहद खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं और बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से यह मार्ग सड़क के बजाय तालाब जैसा दिखाई देता है। गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

उन्होंने कहा कि यह सड़क कई वर्षों से जर्जर हालत में है। हर बार सांसद, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों की ओर से कहा जाता है कि टेंडर हो गया है और जल्द सड़क का निर्माण कराया जाएगा, लेकिन अब तक स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। जिला प्रशासन के अधिकारी भी समय-समय पर मौके का निरीक्षण करते हैं, लेकिन निरीक्षण के बाद भी सड़क की तस्वीर नहीं बदलती।

परवेज आलम गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा, “कहां हैं सत्ताधारी दल के बड़े-बड़े नेता? कहां हैं विधायक, मंत्री और सांसद? क्या उन्हें यह बदहाल सड़क दिखाई नहीं देती? आखिर जनता को कब तक जानलेवा गड्ढों के बीच सफर करना पड़ेगा?”

उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि NH-43 के इस जर्जर हिस्से की तत्काल मरम्मत कराकर स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
परवेज आलम गांधी ने कहा कि संभाग मुख्यालय की प्रमुख सड़क की ऐसी स्थिति शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण के रूप में ठोस कार्रवाई की जरूरत है।





