
नियम विरुद्ध संलग्नीकरण का आरोप, उपसंचालक पर कार्रवाई की मांग
अंबिकापुर। पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग, सरगुजा में नियम विरुद्ध संलग्नीकरण को लेकर विवाद सामने आया है। कांग्रेस नेता परवेज आलम गांधी ने इस संबंध में संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर को शिकायत एवं दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए नियम विरुद्ध किए गए संलग्नीकरण समाप्त करने तथा उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं अंबिकापुर डॉ. आर.पी. शुक्ला के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विभाग में अधिकारियों – कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल से हटाकर अन्य स्थानों पर संलग्न किया गया है। परवेज आलम गांधी का कहना है कि इस संबंध में शिकायत के जवाब में उपसंचालक कार्यालय द्वारा शासन को दी गई जानकारी शिकायत के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों एवं वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती।

शिकायतकर्ता के अनुसार, विभागीय जवाब में प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए पत्राचार किए जाने का उल्लेख किया गया, जबकि उन्हें ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ। उन्होंने इसे तथ्यहीन जानकारी बताते हुए मामले की जांच की मांग की है। शिकायत में परिचारक नीरज सिन्हा के संलग्नीकरण का भी उल्लेख किया गया है।


परवेज आलम गांधी ने कहा कि शिकायत में जिन अधिकारी-कर्मचारियों के संलग्नीकरण पर सवाल उठाए गए हैं, उनमें नीरज सिन्हा, ममता जयसवाल, सलिमा मिंज (AVFO), डॉ. रूपेश सिंह एवं डॉ. सलिमा मिंज के नाम शामिल हैं। उनका दावा है कि संबंधित कर्मचारियों के वास्तविक कार्यस्थल और विभागीय अभिलेखों की उपस्थिति पंजी से स्थिति की पुष्टि की जा सकती है।

डॉ. सलिमा मिंज के संलग्नीकरण पर भी सवाल
शिकायत में विशेष रूप से डॉ. सलिमा मिंज को मैनपाट से जिला पशु चिकित्सालय अंबिकापुर में संलग्न किए जाने पर आपत्ति जताई गई है। परवेज आलम गांधी के अनुसार, जिला पशु चिकित्सालय अंबिकापुर में पशु चिकित्सकों के दो पद हैं और दोनों पद भरे हुए हैं। इसके बावजूद मैनपाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर अंबिकापुर में अतिरिक्त संलग्नीकरण किया जाना नियमसंगत नहीं है।


उन्होंने कहा कि उपसंचालक कार्यालय परिसर, डीआई लैब, मोबाइल यूनिट, कृत्रिम गर्भाधान केंद्र एवं केंद्रीय वीर्य संग्रहालय सहित विभिन्न इकाइयों में पहले से ही पशु चिकित्सक कार्यरत हैं। ऐसे में अतिरिक्त संलग्नीकरण की आवश्यकता और औचित्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
आदेश के बावजूद संलग्नीकरण जारी रखने का आरोप
परवेज आलम गांधी ने कहा कि शासन एवं संचालनालय स्तर से संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद यदि नियमों की अनदेखी करते हुए संलग्नीकरण जारी रखे जाते हैं तथा शासन को वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी दी जाती है, तो यह गंभीर प्रशासनिक विषय है।
उन्होंने संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, छत्तीसगढ़ से मांग की है कि शिकायत के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों एवं उपस्थिति पंजी सहित अन्य अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सभी नियम विरुद्ध संलग्नीकरण तत्काल समाप्त कर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर कार्यमुक्त कराया जाए तथा डॉ. आर.पी. शुक्ला पर शासन को गलत अथवा तथ्यहीन जानकारी देने के आरोपों की जांच कर नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
परवेज आलम गांधी ने कहा कि मामले में उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।



