Welcome to Daily Trust News   Click to listen highlighted text! Welcome to Daily Trust News
छत्तीसगढ़राजनीति

जिम्मेदार पत्रकारिता ही समाज का सच्चा आईना

जिम्मेदार पत्रकारिता ही समाज का सच्चा आईना

अंबिकापुर। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। इसका उद्देश्य समाज और शासन-प्रशासन के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करना, जनहित के मुद्दों को उठाना तथा सत्य और तथ्यों को निष्पक्ष रूप से सामने लाना है। पत्रकारिता तभी सार्थक मानी जाती है जब वह तथ्यों, संतुलन और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ की जाए।

ग्रामीण प्रशासन की व्यवस्था में पटवारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। भूमि अभिलेखों का संधारण, खसरा-खतौनी एवं नक्शों का अद्यतन, फसल गिरदावरी, आपदा की स्थिति में फसल क्षति का आकलन, सीमांकन, नामांतरण तथा किसानों से जुड़े अनेक कार्य पटवारी के माध्यम से संपन्न होते हैं। किसान और पटवारी के बीच वर्षों से एक विश्वास का संबंध रहा है, जो ग्रामीण व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होता है।

ऐसे में किसी भी शासकीय कर्मचारी या व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करते समय तथ्यों की पूर्ण जांच-पड़ताल आवश्यक है। बिना पर्याप्त प्रमाण, एकपक्षीय जानकारी अथवा व्यक्तिगत आधार पर लगातार नकारात्मक समाचार प्रकाशित करना न केवल संबंधित व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है, बल्कि पत्रकारिता की निष्पक्ष छवि पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

जानकारों का मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना निजी और पारिवारिक जीवन होता है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। यदि किसी मामले में शिकायत या आरोप हैं, तो संबंधित पक्ष का मत जानना, प्रमाणों की पुष्टि करना और दोनों पक्षों को समान अवसर देना पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों में शामिल है।

जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रमुख सिद्धांत :-

✍️समाचार सदैव सत्य, प्रमाण और तथ्यों पर आधारित हो।

✍️किसी भी समाचार में संबंधित पक्ष का पक्ष अवश्य लिया जाए।

✍️व्यक्तिगत जीवन और सामाजिक गरिमा का सम्मान किया जाए।

✍️जनहित और निजी हित में स्पष्ट अंतर रखा जाए।

✍️समाचारों में भाषा संयमित और निष्पक्ष हो।

✍️किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध दुर्भावना से प्रेरित अभियान जैसी स्थिति से बचा जाए।

वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक चिंतकों का कहना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज में जागरूकता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है। जब पत्रकारिता निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी होती है, तभी समाज का विश्वास मजबूत होता है और लोकतंत्र की नींव और अधिक सुदृढ़ होती है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!