मज़हबी इदारों की हिफ़ाज़त से संवैधानिक अधिकारों तक, रज़ा यूनिटी फाउंडेशन बनाएगा विधिक नेटवर्क
बिलासपुर में अहम बैठक : हाईकोर्ट से जिला स्तर तक लीगल सेल के विस्तार की योजना, UCC और मिल्ली मसाइल पर भी हुई गंभीर चर्चा

मज़हबी इदारों की हिफ़ाज़त से संवैधानिक अधिकारों तक, रज़ा यूनिटी फाउंडेशन बनाएगा विधिक नेटवर्क
बिलासपुर, 27 सितंबर 2026। रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने समाज में कानूनी जागरूकता बढ़ाने, संवैधानिक अधिकारों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने तथा मसाजिद, मदरसे, ईदगाह, कब्रिस्तान समेत मज़हबी एवं सामाजिक इदारों से जुड़े कानूनी मामलों में मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लीगल सेल (विधि प्रकोष्ठ) के गठन का ऐलान किया है। नारायणा प्लाज़ा, बिलासपुर में आयोजित संगठन की महत्वपूर्ण बैठक में इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

बैठक तीन चरणों में आयोजित हुई। पूर्वाह्न 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, सदस्यता, जिला एवं स्थानीय स्तर पर विस्तार तथा आगामी सामाजिक कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसके बाद दोपहर 2 से 4 बजे तक अधिवक्ताओं की विशेष बैठक में लीगल सेल के गठन और उसकी भावी कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श हुआ।

फाउंडेशन के अनुसार प्रस्तावित लीगल सेल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को प्रारंभिक कानूनी जानकारी और उपलब्ध वैधानिक सहायता तक पहुंच बनाने में सहयोग करना होगा। साथ ही नागरिकों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना, नए कानूनों एवं सरकारी नीतियों का अध्ययन तथा उनके सामाजिक प्रभाव को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना भी इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहेगा।
मज़हबी इदारों के दस्तावेज और कानूनी मामलों पर भी रहेगा फोकस
बैठक में मसाजिद, मदरसे, ईदगाह, कब्रिस्तान एवं अन्य मज़हबी-सामाजिक संस्थानों के वैधानिक दस्तावेज, पंजीयन, प्रबंधन तथा कानूनी मामलों को लेकर समाज को उचित विधिक जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। लीगल सेल कानून के दायरे में रहते हुए दस्तावेजी मार्गदर्शन तथा संबंधित अधिवक्ताओं से कानूनी परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा।

योजना के तहत गरीब परिवारों, महिलाओं, बच्चों, हिंसा अथवा आपदा से प्रभावित लोगों तथा कानूनी सहायता की आवश्यकता रखने वाले अन्य लोगों को उपलब्ध सरकारी एवं वैधानिक सहायता योजनाओं की जानकारी देने की भी बात कही गई।
हाईकोर्ट से तहसील स्तर तक नेटवर्क बनाने की योजना
रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने लीगल सेल को चरणबद्ध तरीके से पूरे छत्तीसगढ़ में विस्तारित करने की योजना रखी है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार हाईकोर्ट स्तर पर 5 अधिवक्ताओं की टीम तथा प्रदेश के 33 जिलों में प्रत्येक जिला न्यायालय स्तर पर 3 सदस्यीय विधि प्रकोष्ठ गठित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह 99 जिला-स्तरीय विधिक प्रतिनिधियों का नेटवर्क विकसित करने की योजना है। आगे आवश्यकता और संगठनात्मक क्षमता के अनुसार तहसील एवं ब्लॉक स्तर तक विधिक जागरूकता नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

इसके तहत भविष्य में Legal Help Desk, Legal Consultation, Legal Awareness Camp, Documentation Guidance तथा नए कानूनों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
UCC और मिल्ली मसाइल पर संवैधानिक दृष्टिकोण से चर्चा
शाम 7 बजे नमाज़-ए-मग़रिब के बाद उलमा-ए-किराम एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की विशेष बैठक आयोजित हुई। इसमें मिल्ली मसाइल तथा समान नागरिक संहिता (UCC) के संवैधानिक पहलुओं, संभावित सामाजिक चुनौतियों और सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा की गई।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि महत्वपूर्ण कानूनी एवं संवैधानिक विषयों को केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय संविधान, कानून, तथ्य, विधिक प्रक्रिया और जिम्मेदार नागरिक भागीदारी के आधार पर समझने की जरूरत है।
इस अवसर पर एडवोकेट नौशाद सिद्दीकी ने उलमा से मुखातिब होते हुए कहा कि मस्जिदों में नमाज़, रोज़ा, हज और ज़कात की बातों के साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने, नौजवानों का भविष्य संवारने और इंसानियत की हिफाज़त जैसे विषयों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उलमा और अधिवक्ताओं की रही प्रमुख मौजूदगी
कार्यक्रम में हज़रत मौलाना मुफ़्ती अज़ीम मिस्बाही, हज़रत मौलाना शब्बीर नूरी, हज़रत मौलाना सय्यद ज़हिर आगा, हाफ़िज़ इमरान एवं हज़रत शेख बख़्शिश की विशेष मौजूदगी रही।

अधिवक्ताओं में सीनियर लॉयर एडवोकेट नसीमुद्दीन अंसारी, एडवोकेट रियाज़ुद्दीन, एडवोकेट सरीना खान, एडवोकेट नौशाद सिद्दीकी, एडवोकेट सय्यद सरताज अफ़ज़ल, एडवोकेट अहमद हुसैन, एडवोकेट नाज़िम खान, एडवोकेट कैसर जहाँ खान एवं एडवोकेट वाहिदा कुरैशी सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय समन्वयक शादाब आलम रज़वी, प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ डॉ. इक़बाल अंसारी, फाउंडर सदस्य मोहम्मद असलम, रायपुर जिला अध्यक्ष फ़हीम हक़्क़ानी, कोरबा जिला अध्यक्ष सय्यद माशूक अली, बिलासपुर जिला अध्यक्ष मोहम्मद वसीम अंसारी, जिला सचिव अब्दुल वसीम, मीडिया सेल बिलासपुर शेख़ सरफ़राज़ अहमद सहित संगठन के विभिन्न पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
राष्ट्रीय समन्वयक शादाब आलम रज़वी ने कहा कि संगठन सामाजिक खिदमत के साथ समाज में कानूनी शऊर, संवैधानिक समझ तथा अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लीगल सेल को महज़ औपचारिक प्रकोष्ठ नहीं, बल्कि व्यवस्थित विधिक सहायता एवं जागरूकता नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इक़बाल अंसारी ने कहा कि संगठन की आगामी कार्ययोजना में सामाजिक खिदमत, संगठनात्मक विस्तार, मज़हबी एवं सामाजिक इदारों से संबंधित कानूनी जागरूकता और विधिक सेवाओं को विशेष तवज्जो दी जाएगी।
बैठक का समापन दुआ के साथ हुआ। इस दौरान अमन, इत्तेहाद, इंसाफ, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों की हिफ़ाज़त के साथ संगठन के विधिक एवं सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।




