
देश का नौजवान गाली नहीं, जवाब चाहता है : रशीद अहमद अंसारी

अंबिकापुर, 2 अगस्त। जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग, सरगुजा के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति के लिए अपमानजनक भाषा या गाली-गलौज का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि असहमति जताने का अधिकार लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन उसके साथ मर्यादा और शालीनता का पालन भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आज देश का युवा और छात्र शिक्षा, रोजगार तथा अपने भविष्य को लेकर गंभीर चिंताओं से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार को युवाओं की नाराज़गी के कारणों को समझते हुए उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ केवल समर्थन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उठाए गए प्रश्नों को भी धैर्यपूर्वक सुनकर उनका समाधान किया जाना चाहिए।
रशीद अहमद अंसारी ने कहा कि यदि गाली-गलौज की राजनीति गलत है, तो यह सिद्धांत सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। संसद, चुनावी मंचों और सार्वजनिक जीवन में किसी भी नेता द्वारा विरोधियों के प्रति व्यक्तिगत टिप्पणी, अपमानजनक भाषा या देश के महापुरुषों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार भी लोकतांत्रिक मर्यादा के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि “देश का नौजवान गाली नहीं, जवाब चाहता है। छात्र टकराव नहीं, भविष्य चाहते हैं और जनता प्रचार नहीं, बल्कि संवाद चाहती है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त आलोचना से बचना नहीं, बल्कि आलोचना को सुनकर स्वयं को बेहतर बनाना है।”






