

स्मार्ट मीटर और बढ़ती बिजली दरों से जनता परेशान, सरकार जनहित में हस्तक्षेप करे : रशीद अहमद अंसारी

अंबिकापुर, 5 अगस्त। जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग, सरगुजा (अंबिकापुर) के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना और लगातार बढ़ती बिजली दरों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, कर्मचारी और आम उपभोक्ता आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

जारी बयान में उन्होंने कहा कि बिजली केवल एक सेवा नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन, शिक्षा, खेती, रोजगार और दैनिक आवश्यकताओं से जुड़ा बुनियादी विषय है। ऐसे में बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर को लेकर जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी लोगों को राहत देने की है, न कि ऐसी व्यवस्था लागू करने की जिससे उनकी परेशानियां बढ़ें।

रशीद अहमद अंसारी ने कहा कि प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में बिजली बिल चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। महंगाई के दौर में बढ़ता बिजली खर्च आम परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो रहा है। उन्होंने सरकार से उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर प्रणाली की स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा कराई जाए, उपभोक्ताओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो, असामान्य बिजली बिल प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को तत्काल राहत दी जाए तथा बिजली दरों में वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही गरीब, मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए विशेष राहत योजना लागू करने की भी मांग की।

जनाब अंसारी साहब ने प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, व्यापारी संगठनों, किसान संगठनों, छात्र संगठनों एवं जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे इस जनहित के मुद्दे पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठाएं, ताकि सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर सके।

उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल के लाभ या हानि का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के अधिकार, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का प्रश्न है। जनता के हित से बड़ा कोई हित नहीं हो सकता।







